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Adhoori Darkhwast...

दिल के दस्तावेज़ों में ढूंढो मिलेगी  हमारी एक अदद दरख्वास्त  आँखों से लिखी..  आँखों के लेटर बॉक्स में गिरी..  मुस्कराहट की मोहर लगी रसीद..  हमे मिली थी तभी... 
वह मुस्कान, वह रसीद..  वक़्त की परतो नीचे दबी हुई ..  आज अचानक... फिसल कर बहार आ गिरी..  शायद.. मेरी वह अर्ज़ी..  ढूँढो तो मिल जाए कही...

न मिले तो न सही।
कुछ हसरतें अधूरी ही रहे..
कुछ आरज़ुएँ आरज़ू ही रहे..
 अधूरी ख्वाइशे सिर्फ मेरी है..
जो बंट गयी.. तो यादो से कट गयी..

ये होता तो वह होता।।
कुछ होता तोह कुछ और होता..
सम्भावनाओ की कशिश बनी रहे..
कुछ हसरतें अधूरी ही रहे..
कुछ आरज़ुएँ आरज़ू ही रहे..